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ब्रेकिंग न्यूज़ : चीन ने छिपाया सच। ऐसे फैला कोरोना वायरस।

ब्रेकिंग न्यूज़ : चीन ने छिपाया सच।

ऐसे फैला कोरोना वायरस।


China Coronavirus: चीन के वुहान से चले कोरोना वायरस से आज दुनिया भर के 160 से ज्यादा देश खौफजदा है। 2 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में हैं, 8900 लोगों की मौत हो चुकी है। इन सबके बीच चीन पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या शुरुआती दिनों में उसने दुनिया से कोरोना की सच्चाई को छिपाया?

नई दिल्ली (19 मार्च): कोरोना वायरस (Coronavirus) से दुनियाभर के देश परेशान हैं। चीन के वुहान से चले इस वायरस  (Covid 19) ने अबतक दुनिया के 160 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। दुनिया भर के 2 लाख से ज्यादा लोग इस जानलेवा वायरस की चपेट में हैं, जबकि 8900 से ज्यादा लोगों की अबतक जानें जा चुकी है। इस वायरस के संक्रमण के शुरुआती लक्षण बेहद मामूली होते हैं लेकिन इससे लोगों की जान भी जा सकती है।

तकरीबन 4 महीन पहले इस वायरस ने चीन में दस्तक दी थी। दरअसल दिसंबर के पहले हफ्ते में चीन के वुहान के सी-फूड मार्केट और उसके आसपास के कई लोग अचनाक खांसी, कफ और बुखार से पीड़ित होने लगे। इन पीड़ितों के सैंपल जांच के लिए वुहान के इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी नेशनल बायोसेफ्टी लैब में भेजे गए। जांच में वैज्ञानिक ने इसे जानलेवा खतरे के रूप में देखा, लेकिन चीनी अधिकारियों ने डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की टीम को इसके बारे में कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

इस बीच दिसंबर के आखिरी सप्ताह में सी-फूड मार्केट के आसपास के 10-12  खांसी, कफ और बुखार से पीड़ित मरीज एक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे जहां  डॉ. ली वेनलियांग कार्यरत थे। 34 साल के डॉ. ली वेनलियांग ने जैसे ही इन लोगों की जांच की उन्हें किसी अनजान जानलेवा वायरस का अंदेशा हो गया।  उन्होंने अनजान बीमारी से पीड़ित लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज करना शुरू कर दिया। डॉ. ली वेनलियांग ने वहां के डॉक्टर्स, अपने दोस्त और परिवार वालों को इस अनजान जानलेवा वायरस के बारे में बताया और उन्हें आगाह भी किया। साथ ही उन्होंने इस अनजान घातक वायरस के बारे में अपनी रिपोर्ट भी दी।

डॉ. ली वेनलियांग ने इस अनजान वायरस के बारे में वीचैट ऐप पर अपने मेडिकल कॉलेज के एलुमनी ग्रुप में भी जानकारी दी। देखते ही देखते उनका ये मैसज वायरल हो गया। ये वारयस तेजी से लोगों में फैलने लगा। वहीं चीन इस अनजान जानलेवा वायरस को दुनिया से छुपाने की जुगत में लगा रहा। इन सबके बीच चीन ने इस वायरस पर रिसर्च भी शुरु कर दिया। जनवरी के आखिरी हफ्ते तक चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन की अब तक की जांच में ये साफ हो रहा था कि ये वायरस चमगादड़ों से ही फैल रहा है। वहीं 

चीन की लाख कोशिश के बावजूद फरवरी के पहले हफ्ते तक ये खबर धीरे-धीरे दुनिया के अन्य देशों में भी पहुंचने लगा। इससे परेशान चीनी अधिकारियों ने डॉक्टर ली पर अफवाह फैलाने का आरोप लगा दिया और नोटिस भेजकर उनसे जवाब मांगा। जिसके बाद उन्हें लिखित में मांफी मांगनी पड़ी। इस बीच वुहान और आसपास के इलाकों के ये अनजान वायरस तेजी से फैल रहा था, मौतों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा था। चीन को भी अब लगने लगा की उसके देश को कोरोना नाम की एक घातक महामारी ने जकड़ लिया है। 

इस बीच अचानक खबरें आई की कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को सबसे पहले जानकारी देने वाले डॉक्टर ली की मौत हो गई है। चीनी सरकार ने बताया कि डॉक्टर ली 12 जनवरी से अस्पताल में भर्ती थे और मरीजों का इलाज करते वक्त वो भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए। वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डॉ ली को बचाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका और 7 फरवरी को उनकी मौत हो गई। कई लोगों का कहना है कि चीन ने उन्हें इस महामारी का खुलासा करने की सजा दी है। 

वहीं ये खबर भी आई कि चीन ने तकरीबन 20 हजार कोरोना पीड़ितों को मार देने के लिए सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट में अर्जी दी। लेकिन अबतक ये दोनों ही खबरें कंफर्म नहीं हो पाई है। दबे जुवान कई चीनी वैज्ञानिक और डॉक्टर्स भी कह रहे हैं कि ये जानलेवा वायरस किसी जानवर से नहीं बल्कि चीन की लापरवाही से फैला है।


रिपोर्टर शोएब म्यानुंर