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दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भड़की हिंसा, कहीं आगजनी तो कहीं पत्थर बाजी, खुल्ले आम फायरिंग, अब 7 लोगों की मौत।

दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भड़की हिंसा, कहीं आगजनी तो कहीं पत्थर बाजी, खुल्ले आम फायरिंग, अब 7 लोगों की मौत।


नई दिल्‍ली। दिल्ली के ब्रह्मपुरी और मौजपुर इलाके में तीसरे दिन भी पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शन जारी है। आज सुबह ही कुछ इलाकों में उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। रविवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। 50 से ज्‍यादा लोग जख्‍मी हैं। सूचना यह भी आ रही है कि मौजपुर इलाके में 2 और लोगों को गोली लगने की खबर है। वहीं एहतियात के तौर पर पांच मेट्रो स्टेशन, जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जौहरी एंक्लेव और शिव विहार बंद कर दिए हैं। अब इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस हाई लेवल मीटिंग में दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं। उनके अलावा कई अन्य दलों के नेता और जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में पहुंचे हैं। आपको बता दें कि अमित शाह ने सोमवार रात भी दिल्ली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बैठक की थी।

नयी दिल्ली: हर दिन हमारे देश में लगातार बढ़ती जा रही हिंसा के मुद्दे में आज के समय में हर कोई परेशान होता जा रहा है। वहीं पिछले कुछ दिनों में हिंसा उग्र पर आ चुकी है। वहीं मौजपुर में सोमवार को उग्र भीड़ आकस्मित इलाके के कुछ घरों में घुस गई व तोड़फोड़ प्रारम्भ कर दी। उस वक्त घरों में उपस्थित लोगों ने उनके कई बार हाथ-पैर जोड़े, पर उन्होंने किसी पर रहम नहीं किया। मौजपुर में उपद्रवियों ने अपने इलाके में दूसरे गुट से संबंधित लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ की। आलम यह था कि घरों में घुस रहे उपद्रवियों को रोकने के लिए घरवाले छतों से हाथ जोड़ रहे थे, लेकिन उपद्रवी नहीं माने। बवाल के दौरान घरवालों ने चीख-चीखकर पुलिस से मदद मांगी, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। बहुत ज्यादा देर तक चले इस बवाल के बाद पुलिस ने लाठी फटकारकर भीड़ को खदेड़ दिया।

आईडी कार्ड जाँच कर की जा रही थी पिटाई: मिली जानकारी के अनुसार इस बात का पता चला है कि मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास जारी उपद्रव के दौरान रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को आई कार्ड देखने के बाद आगे जाने दिया जा रहा था। सीएए समर्थकों को जैसे ही अहसास होता कि सामने वाला सीएए विरोधी है तो उसकी जमकर धुनाई की जा रही थी। उनकी पिटाई के बाद सभी घायलों को पुलिस को सौंप दिया जाता था। पुलिस उन्हें अस्पताल भेजने के बजाय एक किनारे बिठा रही थी। वहीं एक दफा भीड़ ने एक सीएए समर्थक को ही दौड़ा लिया। यह देखने के बाद लाउडस्पीकर से उसके सीएए समर्थक होने की सूचना प्रसारित की गई। तब कही जाकर भीड़ ने उसे जाने दिया।

दोपहर 2 बजे के बाद ज्यादा आक्रामक हुई भीड़: वहीं यह भी बोला जा रहा है कि मौजपुर मेट्रो स्टेशन से करीब 100 मीटर की दूरी पर प्रातः काल 10 बजे से ही पत्थरबाजी प्रारम्भ हो गई थी। करीब दो बजे भीड़ ने ज्यादा आक्रामक रुख धारण कर लिया, जब सीलमपुर की तरफ से एक पक्ष की भीड़ से चलाई गई गोली एक युवक के पैर में लग गई। जंहा इस बात का पता चला है कि उसे जख्मी हालत में अस्पताल ले जाया गया। पत्थरबाजी में कई लोगों के सिर, पैर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें पहुंची हैं।


रिपोर्टर शोएब म्यानुंर