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बड़ी खबर : ISI के लिए जासूसी करते नेवी के 11 जवान गिरफ़्तार, पाकिस्तान को सेना की खुफिया जानकारी भेजते थे!

बड़ी खबर : ISI के लिए जासूसी करते नेवी के 11 जवान गिरफ़्तार, पाकिस्तान को सेना की खुफिया जानकारी भेजते थे!


पाकिस्तानी जासूसी रैकेट से संबंधों के आरोप में अब तक 11 नौसेना कर्मी समेत 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इन लोगों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने सोशल मीडिया पर हनी ट्रैप के जरिए अपने जाल में फंसा लिया था।समाचार एजेंसी ने पकड़े गए कुछ लोगों के नाम सार्वजनिक किए हैं , - राजेश, लोखंडा और निरंजन जो कि विशाखापट्टनम में ईस्टर्न नवल कमांड में थे। एवं तीन अपराधी ENC विशाखापट्टनम में थे - सन्नी कुमार, एस के दास और एस कुमार शर्मा। जो कि कारवार कमांड में थे। एक बन्दा अशोक कुमार सिंह जिसकी पोस्टिंग मुम्बाई की सबमरीन बेस में थी उसे भी अरेस्ट किया गया है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने  न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस ने इन लोगों को मुंबई, कारवाड़ और विशाखापट्टनम समेत देश के कई नौसैनिक अड्डों से पकड़ा। इन लोगों पर फेसबुक समेत अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये भारतीय नौसेना की संवेदनशील जानकारी लीक करने का आरोप है.

नौसेना के सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए नौसेना कर्मियों के सोशल मीडिया प्रोफाइल को खंगाला जा रहा है और इस बात की जांच की जा रही है कि उनके किन संदिग्ध लोगों से संबंध हैं। आंध्र प्रदेश पुलिस, नौसेना की खुफिया और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई तब शुरू की, जब बीते दिसंबर में जासूसी मामले में शामिल सात नौसेना कर्मियों को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच कर रही आंध्र प्रदेश पुलिस को नौसेना की खुफिया इकाई पूरा सहयोग दे रही है।

नौसेना कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया के दुरुपयोग की खबरें सामने आने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने कर्मियों को फेसबुक जैसे सोशल मीडिया उपकरण और स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगा दी है। हालांकि, इस तरह की पाबंदी सेना और वायुसेना ने अपने कर्मियों पर नहीं लगाई है। बीते कुछ माह में सेना और वायुसेना में भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं।


रिपोर्टर सामी शैख औरंगाबाद