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भाजपा पर निशाना / ममता ने कहा- धर्मों ने भारत को सद्भाव से रहना सिखाया, न कि विभाजन और शोषण करना

भाजपा पर निशाना / ममता ने कहा- धर्मों ने भारत को सद्भाव से रहना सिखाया, न कि विभाजन और शोषण करना


भारत सेवाश्रम के संस्थापक स्वामी प्राणवानंद महाराज की 125वीं जयंती के कार्यक्रम में ममता बनर्जी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- धर्म पुरुषों को महिलाओं और बहनों का सम्मान करना सिखाता है

‘हिंदू धर्म ने हमें सिखाया है कि हम दूसरों के लिए अपने दरवाजे कभी बंद नहीं कर सकते’

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्म का मतलब केवल बड़े-बड़े धार्मिक उपदेश देना नहीं है। यह पुरुषों को महिलाओं और बहनों का सम्मान करना सिखाता है। धर्मों ने भारत को सद्भाव के साथ रहना सिखाया, न कि विभाजन करना और शोषण करना। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, गुरु नानक, भगवान बुद्ध, गांधीजी, नेताजी और अन्य लोगों ने लोगों में सद्भावना का भाव भरा।

कोलकाता में भारत सेवाश्रम संघ कार्यक्रम में बनर्जी ने कहा, ‘‘हम एक अखंड भारत से प्यार करते हैं, न कि एक-दूसरे को विभाजित करते हैं। हमारे यहां कई देवी-देवता हैं और हम सबकी पूजा करते हैं। पुनर्जागरण के काल से स्वतंत्रता आंदोलन तक हिंदू धर्म सार्वभौमिक है।’’

‘हमारी ताकत विविधता में एकता है’

उन्होंने कहा,‘‘हिंदू धर्म ने हमें सिखाया है कि हम दूसरों के लिए अपने दरवाजे कभी बंद नहीं कर सकते। इसने हमें सभी का खुले हाथों से अभिवादन करना सिखाया है। साथ ही संयम और सहनशील बनना सिखाया।’’ ममता नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कल्याण से ही हमारा कल्याण संभव है। हमारी ताकत विविधता में एकता है।

दबाव बनाकर कार्यक्रम रद्द किया गया: ममता

ममता के मुताबिक, ‘‘2018 में में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण के 125 साल होने के मौके पर अमेरिका में कार्यक्रम रखा गया था। मैं वहां जाना चाहती थी। मुझे सूचित किया गया कि कुछ कारणों से कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। मुझे पता है कि आयोजनकर्ताओं पर इसका दबाव बनाया गया था, क्योंकि मैंने वहां जाने की इच्छा जताई थी।


ब्युरो रिपोर्ट मुंबई