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खोपोली के श्रीधर गलपट्टे और उनकी बेटी अन्नपूर्णा का अपने कुत्ते मोती से अनोखा प्यार घर के सदस्य जैसे था मती

खोपोली के श्रीधर गलपट्टे और उनकी बेटी अन्नपूर्णा का अपने कुत्ते मोती से अनोखा प्यार घर के सदस्य जैसे  था मती


कहते हैं कि जानवरों पर दया करें, कहना आसान है , पर सच में करना मुश्किल है... लेकिन खोपोली के श्रीधर गलपट्टे ने इस कथन को सच कर दिया है।

श्रीधर गलपट्टे और उनकी बेटी अन्नपूर्णा खोपोली के वीणा नगर इलाके में कृष्णा श्रुति बिल्डिंग में रहते हैं। उनके पास एक छोटा कुत्ता है ... जिसका नाम मोती था। पिता और बेटी को मोती बहुत पसंद था। एक दिन एक दुर्घटना में मोती की मृत्यु हो गई। मोती की मृत्यु से पिता और पुत्री के चेहरे पर गम छा गया। मोती के गम से श्रीधर जैसे अपने बेटे को खोने सा दुखी था।

किसी तरह परिवार और इमारत के रहने वालों ने उन्हें संभाला। लेकिन युकि वे मोती को नहीं भूल सकते थे, उन्होंने इमारत के पास एक मोती समाधी का निर्माण किया। और रोज वहां जाकर बैठते हैं।

एक पिता और बेटी का अपने कुत्ते से प्यार सचमुच बहोत अनोखा है।


रिपोर्टर फिरोज़ पींजारी खोपोली