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बरैली शरीफ युपी में 52 वां सालाना उर्षे शराफत मिंया 6,7,8 और 9 नवंबर को मनाया गया,

बरैली शरीफ युपी में 52 वां सालाना उर्षे शराफत मिंया 6,7,8 और 9 नवंबर को मनाया गया,



बरैली शरीफ युपी में 52 वां सालाना उर्षे शराफत मिंया 6,7,8 और 9 नवंबर कोमनाया गया,

ईस उर्ष मुबारक में लाखों की तादाद में बरैली के आलावा, देश विदेश से,

मुंबई, सुरत, मालेगांव, झांसी, जेतपुर, दील्ली, मुरादाबाद, हैदराबाद, कोलकता, पंजाब, और पुरे हिन्दुस्तान, आफ्रिका, होंगकोंग, से सकलैनी उपस्थित रहे, उर्ष की परचम कुशाई का 1 रबीउल अव्वल को बरैली में एक जुलुस निकाला जाता है, और मुंबई में हज़रत शाह सक़लैन एकेडमी ऑफ इंन्डिया की जानीब से मुंबई में भी पहेली बार जुलुसे परचम कुशाई निकाला गया, 

यह उर्ष रबीउल अव्वल की 8,9,10 को मनाया जाता है उर्ष के दौरान रोजाना महेफीले नाअत, मुशायरा, और औलमा ओं के बयान का प्रोग्राम कीया जाता है,

उर्ष के दौरान बरैली के नात ख्वां हाफीज आमील सक़लैनी और रौनक सक़लैनी ना अपने अंदाज में नाअत शरीफ पैस किए,

और उर्ष के आखरी दीन 11 को  हजरत पीरो मुर्शिद सक़लैन मिंया हुजुर कुल शरीफ की फातेहा पढ़ते हैं, कुल शरीफ की फातेहा में लाखों श्रद्धालु फातेहा में मौजूद रहते हैं, 

उर्ष में रोजाना लाखों श्रद्धालु ओं के लिए आस्ताना ए शराफत मिंया में रहने और खाने का ईंतेजाम भी किया जाता है, वैसे तो यहां रोजाना 365 दीन दो टाईम लंगर खाना बनाया जाता है और कई लोग रोजाना यहां खाना खाते हैं इसके अलावा यहां के परीन्दे और आसपास के जानवर को भी खाना मील जाता है,

यहां दरगाह में कीसी के पास एक रुपया भी नहीं लिया जाता, 

दरगाह के खादीम हाजी मुमताज मिंया, हुजुर गाजी मिंया, और बरैली के सभी सदस्य यहां बहार गांव से आने वाले लोगों के लिए सारे ईन्तजामात में एक महीने पहले से लग जाते हैं और उर्ष के बाद 10 दीन तक कामों में लगे रहते हैं,

कुल शरीफ की फातेहा के बाद बहार गांव के महेमान जो वापसी के लीए जाने वाले होते हैं उन्हें हज़रत पीरो मुर्शिद सक़लैन मियां हुजुर उनके लिए दुआ फरमाते हैं और रास्ते के लिए खाना भी देते हैं, 

उर्ष के दौरान बरैली में जगेह जगेह से दरगाह शरीफ पर चादर चदाने का जुलूस नीकाला जाता है,

उर्ष के दौरान बरैली में कोमी एकता भी देखने को मिलती है,

उर्ष के दौरान कोई दुर्घटना ना हो इसलिए प्रशासन की और से सुरक्षा कर्मी और पुलिस फौज भी तैनात किए जाते हैं,

उर्ष में बरैली का शाह बाज मोहल्ला रोशनी से जगमगा उठता है, पुरे मोहल्ले को लाईटींग से दुल्हन की तरहां सजाया जाता है,

और पुरा बरैली, उर्षे शाह शराफत जींन्दाबाद, के नारों से गूंजा बरैली,

आपको बता दें की हज़रत शाह सक़लैन एकेडमी ऑफ इंन्डिया की बरैली के अलावा पुरे हिन्दुस्तान में बहोत सी शाखाएं हैं और सभी जगेह 

शमुह शादी, स्कुल फीस, जरुरत मंद को अनाज बांटना, कपड़े बांटना, और बहोत से काम किए जाते हैं,

ईस अवसर पर मुंबई से हज़रत शाह सक़लैन एकेडमी ऑफ इंन्डिया के औल ईन्डिया सदर डोकटर ईस्माईल कुरैशी भी उपस्थित रहे और बरैली के मीडिया प्रभारी जनाब सय्यद मोहशीन आलम, जनाब हमजा मींया, भी उपस्थित रहे,

हज़रत शाह सक़लैन एकेडमी ऑफ इंन्डिया बरैली के सभी सदस्यों ने ईस उर्षे मुबारक को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर जेहमत उठाई और ईस प्रोग्राम को सफल बनाने में कामयाब रहे,


न्यूज़ रिपोर्टर शोएब म्यानुर बरैली